Need Guidance On Your Problems?
Consult With The Best Online Astrologers
लेकिन मथुरा के नंदगांव में शनिदेव का ऐसा सिद्ध मंदिर है जहां शनिदेव की वक्र दृष्टि का असर नहीं होता है. साथ ही मान्यता है कि साढ़ेसाती के कष्टों को झेल रहा व्यक्ति यदि सात शनिवार को यहां आकर शनिदेव पर सरसों का तेल चढ़ाएं तो उस पर से शनिदेव का प्रकोप खत्म हो जाता है. वहीं अन्य लोगों के जीवन में चल रही तमाम परेशानियां शनिदेव के दर्शन मात्र से ही दूर हो जाती हैं. इस मंदिर को कोकिलावन धाम के नाम से जाना जाता है. कहा जाता है कि यहां भगवान श्रीकृष्ण ने शनिदेव को कोयल के रूप में दर्शन दिए थे. जानिए इस मंदिर से जुड़ी तमाम मान्यताएं.
कहा जाता है कि शनिदेव भगवान श्रीकृष्ण के परम भक्त थे. द्वापरयुग में जब श्रीकृष्ण वृंदावन में अपनी बाल लीलाएं कर रहे थे तो सभी देवता देव लोक से भगवान के बाल रूप के दर्शन करने वृंदावन आए थे. उस समय शनि भी अपने आराध्य के दर्शन के लिए वहां पहुंचे. लेकिन वक्र दृष्टि होने के कारण उन्हें श्रीकृष्ण के दर्शन करने से रोक दिया गया. तब शनिदेव तक श्रीकृष्ण ने संदेश पहुंचाया कि वे नंद गांव के पास वन में उनकी तपस्या करें, वहीं उन्हें श्रीकृष्ण के दर्शन होंगे.